डेवलपर ऑप्शंस क्या है और यह फोन की परफॉरमेंस कैसे बढ़ाता है।
भूमिका : हेलो दोस्तों, क्या सभी के फोन में डेवलपर ऑप्शन होता है, क्या इसको ऑन करना जरूरी होता है,अगर हम इसको ऑन कर देते हैं तो हमारे फोन में क्या फर्क पड़ेगा। और इसकी मदद से क्या मोबाइल की परफॉरमेंस मैं कुछ सुधार किया जा सकता है इससे जुड़े और भी प्रश्नों के उत्तर इस लेख में हम जानेंगे विस्तार से।
स्मार्टफोन में डेवलपर ऑप्शन क्या है?
यह ऑप्शन खास कर सॉफ्टवेयर या एप डेवलपर के लिए होता है, डेवलपर लोग इस फीचर की मदद से अपनी एप की परफॉर्मेंस और बग को पकड़ते हैं। डेवलपर ऑप्शन कोई आम सेटिंग नहीं है, इसका यूस वही लोग सही से कर सकते हैं जो टेक्निकल चीजों को समझते हैं। इसी कारण से कंपनी इस फीचर को हिडन करके रखती है ताकि सिर्फ वही लोग इसका इस्तेमाल कर सकें जिनको इसकी समझ हो।
अगर कोई इंसान डेवलपर ऑप्शन की सेटिंग मैं कुछ छेड़खानी कर देता है तो मोबाइल खराब भी हो सकता है, आपका डाटा लीक हो सकता है और आपका फोन अनस्टेबल हो सकता है, इसीलिए इस फ्यूचर को छुपा के रखा जाता है, ताकि जिसको इसकी सही जानकारी है वही इस्तेमाल कर सके।
क्या इसकी मदद से हम मोबाइल की परफॉर्मेंस को बढ़ा सकते है?
इसकी मदद से आप कुछ हद तक अपने मोबाइल की स्मूदनेस को बढ़ा सकते हैं, जिससे आपका मोबाइल पहले से थोड़ा बेहतर चलेगा, हैंग कम होगा। तो चलिए एक-एक करके जानते हैं सभी सुरक्षित फीचर्स को -
एंड्रॉयड में डेवलपर ऑप्शन (Developer Options) कैसे ऑन करें?
यह सुविधा एंड्रॉयड स्मार्टफोन में पहले से ही होती है लेकिन यह अदृश्य होती है, इसे ऑन करना बहुत ही आसन होता है।
मोबाइल की सेटिंग्स ओपन करने के 4 आसान तरीके :
मोबाइल की सेटिंग को ओपन करना बहुत ही आसान है, नीचे दिए हुए तरीके को ध्यान से पढ़िए -
तरीका 1: होम स्क्रीन से
अगर आपका मोबाइल लॉक है तो उसे अनलॉक करके होम स्क्रीन में आए, वहां आपको गियर ⚙️ (चक्र) जैसा आइकॉन दिखेगा उस पर एक बार टैप कीजिए, आपके मोबाइल की सेटिंग ओपन हो जाएगी।
तरीका 2: ऐप ड्रॉअर से
होम स्क्रीन में आकर ऊपर की तरफ स्वाइप करने पर आपको बहुत सारी एप्लीकेशन की लिस्ट दिखेगी, उसमें Settings ढूँढें, ओर उस पर एक बार टैप करें।
तरीका 3: नोटिफिकेशन पैनल से
स्क्रीन को ऊपर से नीचे की तरफ स्वाइप करने पर, ऊपर की लाइन में आपको ⚙️ सेटिंग का आइकन मिलेगा, उस पर टैप करके भी आप सेटिंग को ओपन कर सकते हैं।
तरीका 4: गूगल असिस्टेंट से
यदि आपने गूगल का यह फीचर ऑन किया है तो आप गूगल असिस्टेंट की मदद से भी सेटिंग को ओपन कर सकते हैं। इसके लिए आपको “Hey Google” या “OK Google” कहना है और फिर कहें “सेटिंग खोलो” उससे भी आपकी सेटिंग ओपन हो जाएगी।
फ़ोन के बारे में (About phone) : सेटिंग को ओपन करके आपको सबसे नीचे स्क्रॉल करने पर About phone का क्षेत्र मिलेगा, उस पर टैप करने के बाद आपको वहां पर बहुत सारे विकल्प मिलेंगे, लेकिन आपको सिर्फ सॉफ्टवेयर इनफॉरमेशन में जाना है, वहां पर आपको अपने मोबाइल की बहुत सारी जानकारी मिलेगी, वहां पर Build number लिखा होगा वह कुछ इस तरह (PD2614MF_EX_A_22.4.24.0.W40) का हो सकता है। वहां पर आपको 7 से 10 बार टैप करना है, और फिर आपको नीचे You are now a developer! लिखा हुआ दिखेगा। और आपका डेवलपर ऑप्शन ऑन हो जाएगा।
सेटिंग 1: Window Animation Scale:
इस सेटिंग को इस्तेमाल करने से आपको थोड़ा स्मूथ लगेगा मोबाइल पूरा विस्तार से बताया गया है कि यह क्या करता है,
यह जो आपको इमेज दिख रही है यह डेवलपर ऑप्शन की एनीमेशन सेटिंग है।
Window Animation Scale: जब हम कोई ऐप को ओपन करते हैं या कोई पॉप अप विंडो, आती है तो उसकी एंट्री में कितना समय लगेगा, यहां पर हम यह तय कर सकते हैं। जैसे 0.5x या बंद भी (Animation off) कर सकते हैं।
Transition Animation Scale: जब हम एक स्क्रीन से दूसरी स्क्रीन में जाते हैं या हम किसी ऐप से होम स्क्रीन में जाते हैं, तो कितना समय लगेगा, यहां पर हम यह तय कर सकते हैं। जैसे 0.5x या बंद भी (Animation off) कर सकते हैं।
Animator Duration Scale: यहां पर हम सभी एनीमेशन को कंट्रोल कर सकते हैं जैसे जो लोडिंग का आइकन होता है, उसकी एनीमेशन को जो हमारे मोबाइल में बटन होते हैं होम बटन, बैक बटन इनकी एनीमेशन को तथा और भी एनीमेशन इफेक्ट को। जैसे 0.5x या बंद भी (Animation off) कर सकते हैं।
नोट - 1x (वन एक्स) नॉर्मल या डिफॉल्ट एनीमेशन सेटिंग है, यह फ्यूचर सिर्फ दिखाने वाली एनीमेशन स्पीड को बढ़ाता है। अगर आप तीनों एनीमेशन को ऑफ कर देते हैं तो आपको थोड़ा यूआई अजीब सा लग सकता है।
सेटिंग 2: Mobile Data Always Active
यह भी एक डेवलपर ऑप्शन की एक सेटिंग है, वाई-फाई चालू रहने पर भी आपका मोबाइल डाटा एक्टिव रहता है। इस सेटिंग के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी है।
Mobile Data Always Active सेटिंग का फायदा - जब वी-फी इंटरनेट से मोबाइल डाटा पर स्विच होता है तो इंटरनेट तुरंत चालू हो जाता है। कॉल या एप में कनेक्टिविटी कट नहीं होती है जैसे व्हाट्सएप और यूट्यूब आदि।
Mobile Data Always Active सेटिंग का नुक़सान -
1. बैटरी ज्यादा खर्च होती है।
2. मोबाइल डाटा बीच-बीच में यूज होता रहता है।
3. कम रैम और कमजोर प्रोसेसर वाले मोबाइलों में परफॉर्मेंस में ड्रॉप देखने को मिल सकता है। क्योंकि फोन को वाई-फाई और मोबाइल डाटा दोनों को एक साथ संभालना पड़ता है।
नोट - अगर आप नॉर्मल यूजर है तो इसे बंद कर सकते हैं अगर आप ज्यादा स्ट्रीमिंग और गेमर है तो आप इसे ऑन कर सकते हैं।
सेटिंग 3: Force 4x MSAA (Multisample Anti-Aliasing):
इस सेटिंग की मदद से gaming एक्सपीरियंस बेहतर होता है, यह सेटिंग ग्राफिक्स को स्पष्ट व स्मूथ बना देती है।
सेटिंग 4: Background Process Limit:
इस सेटिंग के अंदर आप यह तय कर सकते हैं कि बैकग्राउंड में कितने एप चलेंगे। माना आपने पहले व्हाट्सएप ऐप को खोल, और फिर उसको छोड़कर यूट्यूब ऐप को ओपन किया तो जो पहले ऐप है वह बंद नहीं होता है वह बैकग्राउंड में चलते रहता है। इससे RAM ज्यादा यूज़ होती है।
अगर आप ज्यादा गेमिंग करते हैं तो आप बैकग्राउंड प्रोसेस लिमिट को कम कर सकते हैं।
सेटिंग 5:Disable HW Overlays:
एंड्रॉयड फोन में स्क्रीन में प्रोसेस का कार्य दो विभाग मिलकर करते हैं। सीपीयू और जीपीयू । जब हम इस सेटिंग को ऑन करते हैं तो सारा कार्य ग्राफिक का जीपीयू करेगा, सीपीयू नहीं।
अगर आज डेवलपर ऑप्शन को ऑन नहीं करना चाहते तब भी आप अपनी गेमिंग परफॉर्मेंस को बेहतर बना सकते हैं
1.अगर आपके मोबाइल में इनबिल्डर अल्ट्रा गेम मोड आता है तो उसे ऑन कर लें।
2.बैकग्राउंड एप्स को मैन्युअल क्लीन करें।
3.ज्यादा से ज्यादा कोशिश करें कि आपका मोबाइल का स्टोरेज ज्यादा भरा ना हो उसे खाली रखें।
USB Debugging किस काम आता है?
अगर आप इसे ऑन करते हैं तो अपने मोबाइल को लैपटॉप से कनेक्ट कर सकते हैं, इसका उपयोग डवलपर्स भी करते हैं, और इसका उपयोग कस्टम रोम को डालने के लिए भी किया जाता है। अगर आप नॉर्मल यूजर है तो इसे बंद रखना ही ज्यादा बेहतर होता है।
निष्कर्ष : डेवलपर ऑप्शन में बहुत सारी सुविधा हमको मिलती है लेकिन हमें किसी ऐसी सेटिंग को नहीं छेड़ना है जिसकी हमें जानकारी नहीं है, अगर हम कुछ ज्यादा छेड़खानी कर देते हैं तो मोबाइल खराब भी हो सकता है, और डाटा खोने का खतरा भी बढ़ सकता है। अगर हम डेवलपर ऑप्शन को बंद कर देते हैं तो जो सेटिंग हमने ऑन करी है वह बंद भी हो सकती है। दोस्तों अगर आपके कोई और प्रश्न भी हो तो अवश्य पूछे कमेंट बॉक्स में।






